इन ग़मों से नजात ज़िंदगी में नहीं मिलती

in #busy8 years ago

इस से हमारा ना फिर कभी राबिता होगा
गर होगा तो बेच ज़मीन-ओ-आसमां का फ़ासिला होगा

इन ग़मों से नजात ज़िंदगी में नहीं मिलती
मौत के बाद ही दुखों का ख़ातमा होगा

कौनसा पुल ज़िंदगी का आख़िरी पल है
जीते-जी ना इस बात का फ़ैसला होगा

मैं नफ़रत तो किसी से करता नहीं हूँ
कौन है वफ़ा के काबिल अब ये देखना होगा

तुम्हारी बेवफ़ाई से मैंने ये सीखा है
कोई ना इस दुनिया में मेरा, मेरे सिवा होगा

दुआ मत करना मेरी लंबी उम्र की
जीते रहेंगे तो और तमाशा होगा

वो जितनी बार चाहे, मेरा दिल तोड़ दे साहिल
ये दिल उसी की याद में गुम-ज़दा होगा

Coin Marketplace

STEEM 0.04
TRX 0.32
JST 0.088
BTC 60220.32
ETH 1618.00
USDT 1.00
SBD 0.38